कविता /kavita -Abhisekh Mishra
कविता ,केवल
किसी प्रेमी का गीत भर नहीं
कविता वो जो स्फूर्ति भर दे
जीवन नवपथ प्रेरित कर दे
प्रेम सिखाए पर ऐसा
जो सब जीवों को अपना कर दे
किसी माशूका की बाहों का
ख़्याल भर नहीं
कविता वो जो नर को नारायण कर दे
जो प्रेमी की विरह का शोकगीत भर नहीं
जो माशूका की आंखों का वर्णन भर नहीं,
जो माशूका की यादों का किस्सा भर नहीं
जो तुमको अपना कर दे
जो तुमको खुद से मिलवाए
वो है , कविता
जो सच से आँखें चार कराए
वो है कविता
जो सोए को जगाए
वो है कविता...
~अभिषेक मिश्र
Bhut khoob
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